:
Breaking News

Bihar Satellite Township News: बिहार के 12 शहरों के आसपास बसेंगे नए आधुनिक शहर, जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया तेज

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Alam Ki Khabar: बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी सैटेलाइट टाउनशिप योजना को गति मिल गई है। 12 शहरों के आसपास नई टाउनशिप विकसित करने के लिए आवेदन प्रक्रिया आसान बनाई गई है। जल्द ही ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू होगा।

पटना, 18 जुलाई। आलम की खबर: बिहार में आधुनिक और सुनियोजित शहर बसाने की दिशा में राज्य सरकार ने अपनी सबसे महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक सैटेलाइट टाउनशिप परियोजना को तेज गति दे दी है। इस योजना के तहत राज्य के 12 प्रमुख शहरों के आसपास नई टाउनशिप विकसित की जानी है। इसके लिए भूमि उपलब्ध कराने वाले रैयतों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवेदन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। अब लोगों को आवेदन देने के लिए पटना मुख्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा, बल्कि वे अपने जिले या क्षेत्र के नजदीकी क्षेत्रीय कार्यालय में ही आवेदन जमा कर सकेंगे।

बिहार राज्य आवास बोर्ड ने आवेदन प्रक्रिया को विकेंद्रीकृत करते हुए सभी संबंधित क्षेत्रीय कार्यालयों को आवेदन स्वीकार करने का अधिकार दे दिया है। पहले केवल पटना स्थित मुख्यालय में आवेदन लिए जाते थे, जिससे दूर-दराज के जिलों के लोगों को काफी परेशानी होती थी। इसी कारण योजना के शुरुआती चरण में अपेक्षित आवेदन नहीं मिल पाए थे। अब व्यवस्था बदलने के बाद सरकार को उम्मीद है कि बड़ी संख्या में जमीन मालिक इस परियोजना से जुड़ेंगे।

आवास बोर्ड डिजिटल व्यवस्था को भी मजबूत करने की तैयारी में है। जानकारी के अनुसार बेल्ट्रॉन के सहयोग से एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल विकसित किया जा रहा है। इसके शुरू होने के बाद जमीन मालिक घर बैठे अपनी जमीन से संबंधित आवेदन ऑनलाइन जमा कर सकेंगे। इससे पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तेज और सरल बनने की उम्मीद है।

सरकार की योजना के अनुसार पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, गया, मुंगेर, दरभंगा, पूर्णिया, सहरसा, सीतामढ़ी, छपरा, सोनपुर और डेहरी के आसपास आधुनिक सैटेलाइट टाउनशिप विकसित की जाएंगी। इन क्षेत्रों में चौड़ी सड़कें, बेहतर जल निकासी, आधुनिक आवासीय परिसर, औद्योगिक क्षेत्र, शैक्षणिक संस्थान, अस्पताल, रेलवे और एयरपोर्ट कनेक्टिविटी जैसी सुविधाएं विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि बढ़ती आबादी का दबाव मौजूदा शहरों पर कम किया जा सके।

जमीन देने वाले रैयतों के लिए सरकार ने दो विकल्प प्रस्तावित किए हैं। पहला, वे अपनी जमीन परियोजना विकसित करने वाली एजेंसी को लीज पर देकर परियोजना में हिस्सेदारी प्राप्त कर सकते हैं। दूसरा, यदि वे हिस्सेदारी नहीं चाहते तो निर्धारित सरकारी प्रक्रिया के तहत अपनी जमीन बेच सकते हैं, जिसके बदले उन्हें मुआवजा दिया जाएगा। सरकार का दावा है कि पूरी प्रक्रिया में भूमि मालिकों के अधिकारों की रक्षा की जाएगी और सभी कार्य नियमानुसार किए जाएंगे।

राज्य सरकार का मानना है कि यह परियोजना केवल नए शहर बसाने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इससे रोजगार, निवेश, उद्योग और आधारभूत संरचना के विकास को भी नई गति मिलेगी। यदि योजना तय समय पर आगे बढ़ती है तो आने वाले वर्षों में बिहार के कई शहरों का स्वरूप बदल सकता है और शहरी विकास को नई दिशा मिल सकती है।

यह भी पढ़ें

बिहार उच्च शिक्षा विधेयक 2026 से शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी

बिहार में मानसून सुस्त, 20 जुलाई से बारिश के आसार

राजद के मुख्य प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने पद से दिया इस्तीफा

नए शहरों के साथ विकास की नई सोच

सैटेलाइट टाउनशिप जैसी परियोजनाएं केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं होतीं, बल्कि इनके माध्यम से पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था और आधारभूत संरचना को नया स्वरूप देने का प्रयास किया जाता है। हालांकि ऐसी योजनाओं की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि भूमि अधिग्रहण, मुआवजा, पारदर्शिता और समयबद्ध क्रियान्वयन कितना प्रभावी रहता है। यदि सरकार इन पहलुओं पर संतुलित ढंग से काम करती है तो यह परियोजना बिहार के शहरी विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकती है।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *